सपने

सपने मेरे नहीं आपके व हमारे सपने हे , समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से मेरी जन्मी रचनाएँ आपकी ही आवाज हैं.
इन आँखों में एक ख्वाब पलता
है,
सुकून हो हर दिल में,
इक दिया आश का जलता है.
बदल दो जहाँ को हौसलों के संग
इसी मर्ज से जीवन खुशहाल चलता है - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी . समाज में सकारात्मकता फैलाने का नाम है जिंदगी , बेटियों से भी रौशन होता है यह जहाँ , सिर्फ बेटे ही नही बेटियों को भी आगे बढ़ाने का नाम है जिंदगी।
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Wednesday, March 21, 2012

यह इंतजार ........!

                             
                                कहीं जान न ले यह इंतजार 
                                       क्या तुम्हे है ,
                                  इस बात का ख्याल ....!
                                     हर आहट देती है 
                                  तुम्हारे कदमो के निशां
                                  थम जाती है यह धड़कन 
                                  सोच कर तुम्हारा नाम 
                                   दीवानगी तो मेरी ...
                                न जाने क्या रंग दिखाएगी 
                                        पर सनम , 
                               इंतजार कराने की तुम्हारी 
                                    यह खता  तो ,
                               हमारी जान ही ले जाएगी ....!
                                           :-----  शशि पुरवार 
                   

16 comments:

  1. Very beautiful poem and ending is mind blowing!

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  2. नहीं नहीं....
    जब सांस होगी एक बाकी....तब होगी दस्तक और देखना वो ज़रूर आयेंगे....
    इतने बेमुरव्वत भी नहीं ..........

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  3. सुभानाल्लाह.....इंतज़ार की भी लज्ज़त है मुहब्बत करने वालो के लिए।

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  4. पर इस इंतज़ार का भी अलग ही मज़ा है ... बहुत खूब लिखा है ...

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  5. इंतज़ार भी तो प्रेम का अभिन्न अंग है और इस कसक में भी रस है ! हर दौर से गुज़रना, हर पहलु को जीना ही जीवन है | सुंदर अभिव्यक्ति !

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  6. बहुत ही बेहतरीन रचना....
    मेरे ब्लॉग

    विचार बोध
    पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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  7. थम जाती है यह धड़कन,सोच कर तुम्हारा नाम.....
    roomani ahasaas.....sunder......

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  8. sunder bhav intjar pr kya khoob likha hai
    badhai

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  9. क्या बात है, आखिरी पंक्तियों में तो जान देने की बात कहकर जान ले ली है आपने । बहुत बढिया रचना। बधाई !

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  10. सोच कर तुम्हारा नाम..

    बहुत सुंदर !
    बहुत भावपूर्ण !

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  11. प्रेम में पगी कविता बहुत अच्छी लगी शशि जी बधाई और शुभकामनाएँ |

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  12. वाह, बिल्कुल नए अंदाज़ की कविता।

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  13. Very passionate & full of love!

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  14. अपने मन के भावों को प्रकट करने का यह तरीका अच्छा लगा । मेरे पोस्ट पर आपका बेसब्री से इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

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