सपने

सपने मेरे नहीं आपके सपने, हमारे सपने, समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से जन्मी रचनाएँ मेरीनहीं आपकी आवाज हैं. इन आँखों में एक ख्वाब पलता है, सुकून हो हर दिल में इक दिया आश का जलता है. - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी .
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Tuesday, August 7, 2012

नेह बरसते........

 मौसम सुहाना
श्रावण का बहाना
सावनी तीज में
रिमझिम रिमझिम
 सलोनो पे
नेह बरसते.

 चंचल बचपन 
रूसना  - मनाना 
लड़ना - झगड़ना
खेलते - हँसते ,
मृदुल  मानस
 पटल पे 
अंकित मधुर
 स्नेह के 
पक्के रिश्ते .

बदली बेला की
परिपाटी
किया सोलह श्रृंगार 
जवानो के संग 
बहना भी तैयार ,
ह्रदय  में सरगर्मी 
मन में झंकार 
उबलता लहू 
मर मिटने को बेताब 
गर्व से फूली छाती 
नूर नैनो में भरते .


 निमित्त भाव 
 मधुर बेला  में
  सुशोभित 
 तिलक ललाट 
 पाणी मूल पे रक्षा सूत्र
अधरों पे विजयगान  
अग्रज तुम्हारे खंधो पे 
 है  वतन का  मान 
 गर्मजोशी भरे क्षण 
करते सरहद पे विदा 
पर नयनो से  
मोती न झरते .

एक नयी पहल 
संरक्षित  हो 
हरित चादर 
बांध तरुवर को तागा
जेठ से किया वादा
खिलेगी  सलोनी धरा 
बरसेंगे  फूल ,होगा 
अवनि का  उपहार 
कर श्रावण का बहाना 
इन्द्र भी झमाझम बरसते . 

सुखमय पल 
जीवन भर
होती  मधुर यादें
रक्षाबंधन की सौगात 

स्नेह और मिलन 
का  पर्व 
वचन का पालन 
वादों का सम्मान 
रेशमी डोर से बंधे
 ये रिश्ते खूब फलते . 

       ---शशि पुरवार



 





  




 
  
 

14 comments:

  1. रिमझिम फुहार से रिश्तों तक सब सुहाना !

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  2. Replies
    1. yashwant ji ,swati ji vaani ji kajal kumar ji , aap sabhi ka bahut bahut shukriya .

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  3. बहुत कोमल भावनाओं से पिरोया है ... यादों के इस हसीन झरोखे को ...
    रक्षा बंधन की शुभकामनायें ...

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  4. बहुत सुन्दर भावमय शब्द चित्र ...

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  5. बहुत सुन्दर शशि जी

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  6. बहुत सुन्दर....
    रुसना "मनाना" क्यूँ नहीं लिखा...??पटाना शब्द ज़रा खटका.आपकी रचना के स्तर से ज़रा कमतर लगा.:-)
    सस्नेह
    अनु

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  7. बहुत खुबसूरत रचना अभिवयक्ति.........

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  8. यूँ ही नेह बरसता रहे, रिमझिम पड़े फुहार
    सावन माह में पड़ते सदा,नए नए त्यौहार,,,,,,

    बहुत कोमल भावों सजी सुंदर रचना,,,,,
    RECENT POST...: जिन्दगी,,,,

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  9. स्नेह बरसाती रचना ...

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  10. बहुत खुबसूरत रचना है दी ..... :-)

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नमस्कार मित्रों, आपके शब्द हमारे लिए अनमोल है यहाँ तक आ ही गएँ हैं तो अपनी अनमोल प्रतिक्रिया व्यक्त करके हमें अनुग्रहित करें. स्नेहिल धन्यवाद ---शशि पुरवार



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