सपने

सपने मेरे नहीं आपके व हमारे सपने हे , समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से मेरी जन्मी रचनाएँ आपकी ही आवाज हैं.
इन आँखों में एक ख्वाब पलता
है,
सुकून हो हर दिल में,
इक दिया आश का जलता है.
बदल दो जहाँ को हौसलों के संग
इसी मर्ज से जीवन खुशहाल चलता है - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी . समाज में सकारात्मकता फैलाने का नाम है जिंदगी , बेटियों से भी रौशन होता है यह जहाँ , सिर्फ बेटे ही नही बेटियों को भी आगे बढ़ाने का नाम है जिंदगी।
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Thursday, October 4, 2012

माँ का अंगना प्यारा रे


माँ का अंगना प्यारा रे........
प्यारा सलोना

दुनियां में रखा जब पहला कदम
माँ के आँचल में
खिला बचपन
सपनो को लगे
सुनहरे पंख ........!,
गुरु बनके ज्ञान दे दिया रे
हुआ सफल जीवन,

माँ का आशीष प्यारा रे
प्यारा सलोना

जीवन की राहो में बढ़ते कदम
मुश्किल घडी में
डरता यह मन
कैसे लड़ेंगे
तुफानो से हम .........,
तपते मन को सहला दिया रे
बनके शीतल पवन ,

माँ का साथ लागे प्यारा रे
प्यारा सलोना

स्नेह वात्सल्य से भरा बंधन
शादी कर माँ ने
निभाया धरम
आँखों में मोती
छुपा के किया भ्रम ......... ,
कालजे पे पत्थर रख लिया रे
बेटी बने सुहागन

माँ का प्यार बड़ा न्यारा रे
प्यारा सलोना

पल पल माँ को ढूंढें नयन
माँ की छाया
कैसे बने हम
दिल में महकती
माँ की छुअन......... ,
पीहर की तड़प बढ़ा गयी रे
चली यादों की पवन

माँ का अंगना प्यारा रे
प्यारा सलोना .
3.10.12
--------- शशि पुरवार

15 comments:

  1. बहुत सुंदर भाव पूर्ण रचना

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  2. माँ की ममता पर एक माँ द्वारा लिखा सुंदर गीत |आभार

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  3. बेहद भावपूर्ण रचना वाह क्या बात है

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  4. प्यारी दुलारी...नेह से भीगी रचना...

    सस्नेह
    अनु

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  5. shasi ji namskar, sundar shbdo bhri dil ke karib sach maa to eaisi hi hoti hai shasi ji

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  6. भावपूर्ण .....बहुत प्यारा गीत ....!!
    इसमे सुर भर दीजिये ...

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  7. बहुत सुंदर रचना !
    माँ के बारे में कितना कुछ भी लिख दें हम...... कम ही है !
    ~माँ छाया,
    माँ साया,
    पूरा संसार...
    माँ में समाया...~
    -सादर !!!

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  8. ma ek aesa shabd hai jo mujhe hamesha hi apni aur khichta hai
    bahut sunmder kavita hai
    bahut bahut badhai

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  9. माँ का अंगना प्यारा रे
    प्यारा सलोना ....बेहद कोमल, ममतामई रचना पढ़ना बहुत अच्छा लगा ...
    आभार शशि जी इतनी सुन्दर अभिव्यक्ति के लिए ....

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  10. वाह, बहुत सुंदर रचना
    क्या बात



    मेरे नए ब्लाग TV स्टेशन पर देखिए नया लेख
    http://tvstationlive.blogspot.in/2012/10/blog-post.html

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  11. waah maa ke angne ki yaad dila di...

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  12. वाह दिल छू गई आपकी यह रचना सच में माँ को कभी नहीं भूल सकते

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  13. आज आपके ब्लॉग पर बहुत दिनों बाद आना हुआ अल्प कालीन व्यस्तता के चलते मैं चाह कर भी आपकी रचनाएँ नहीं पढ़ पाया. व्यस्तता अभी बनी हुई है लेकिन मात्रा कम हो गयी है...:-)
    एक एक पंक्ति ने दिल छू लिया... बहुत सुंदर ....रचना....!!!!

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