सपने

सपने मेरे नहीं आपके सपने, हमारे सपने, समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से जन्मी रचनाएँ मेरीनहीं आपकी आवाज हैं. इन आँखों में एक ख्वाब पलता है, सुकून हो हर दिल में इक दिया आश का जलता है. - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी .
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Monday, October 22, 2012

माँ का आशीष शुभ दुलार





सब बच्चों को माँ से प्यार
माँ का आशीष
शुभ दुलार

आदिशक्ति मातृभवानी
जगतजननी कृपनिधानी
शक्तिस्वरूपा सिंहवाहिनी
महिषासुर का किया संहार
देवों का बेड़ा पार
माँ का आशीष
शुभ दुलार

कोमलांगी कमलवासिनी
विश्वव्यापी विश्वमोहिनी
शुभमंगल वरदायिनी
तेरे गुण गाए संसार
भक्तों का बेड़ा पार
माँ का आशीष
शुभ दुलार

काली, दुर्गा औ सरस्वती
अनेक रूपों में भगवती
नवरात्रि का त्यौहार
माँ का सोलह शृंगार
मन मंदिर में
बजी झंकार

-शशि पुरवार

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