सपने

सपने मेरे नहीं आपके सपने, हमारे सपने, समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से जन्मी रचनाएँ मेरीनहीं आपकी आवाज हैं. इन आँखों में एक ख्वाब पलता है, सुकून हो हर दिल में इक दिया आश का जलता है. - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी .
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

follow on facebook

FOLLOWERS

Saturday, May 25, 2013

क्लांत नदिया............


 
 क्लांत नदिया
वाट जोहे सावन
जलाए भानु .
 
आया सावन
खिलखिलाई धरा
नाचे झरने .

नाचे मयूर
झूम उठा सावन
चंचल बूंदे.

काली घटाए
सूरज को छुपाये
आँख मिचोली .

:--शशि पुरवार 

19 comments:

  1. बहुत बेहतरीन सुंदर हाइकू ,,,

    RECENT POST : बेटियाँ,

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा आज बृहस्पतिवार (26-05-2013) के "आम फलों का राजा होता : चर्चामंच 1256"
    में मयंक का कोना
    पर भी है!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  3. क्षमा करें...पहले कमेट में दिन गलत टाइप हो गया था...!
    --
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा आज रविवार (26-05-2013) के "आम फलों का राजा होता : चर्चामंच 1256"
    में मयंक का कोना
    पर भी है!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  4. शशि पुरवार जी आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ...!

    ReplyDelete
  5. बहुत सुन्दर हाइकु और जन्मदिन कि ढेर सारी शुभकामनायें ...!!

    ReplyDelete
  6. बहुत सुंदर हाइकू ,,,

    शशि पुरवार जी आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ...!

    ReplyDelete
  7. नदी, अपनी यात्रा में।

    ReplyDelete
  8. काली घटाए
    सूरज को छुपाये
    आँख मिचोली .

    सुन्दर रचना ...

    ReplyDelete
  9. शशिजी पुरवार,
    स्वीकार करें बधाई -
    खूब-सा प्यार !

    ReplyDelete
  10. अच्छे हायकू ..देर से ही सहे जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  11. आपने मात्र २ ७ शब्दों में प्रकृति की अनन्त सुंदरता का वर्णन किया है.
    गरजते बादल और बरसती बूंदें...यही तो पहचान है मानसून की
    माल पूड़े और खीर खाने का मन हो रहा है ..
    तन के साथ मन को भिगोते हैं .
    हार्दिक शुभकामनायें .

    ReplyDelete
  12. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  13. बहुत सुंदर और गहराई से अपने सावन का वर्णन कम से कम शब्दों से किया है।
    हार्दिक बधाई .

    ReplyDelete
  14. Pahli baar aapke blogpe aayi hun..bahut hee badhiya laga....dheere dheere aur bhee padhtee rahungee!

    ReplyDelete
  15. सावन की याद आ गयी ...
    आभार !

    ReplyDelete
  16. बहुत सुन्‍दर, सार्थक रचना साथ ही जन्‍मदिन बहुत बहुत बधाई
    हिन्‍दी तकनीकी क्षेत्र की अचंम्भित करने वाली जानकारियॉ प्राप्‍त करने के लिये एक बार अवश्‍य पधारें
    टिप्‍पणी के रूप में मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ साथ पर अनुसरण कर अनुग्रहित करें MY BIG GUIDE

    शीर्ष पोस्‍ट
    गूगल आर्ट से कीजिये व्‍हाइट हाउस की सैर
    अपनी इन्‍टरनेट स्‍पीड को कीजिये 100 गुना गूगल फाइबर से
    मोबाइल नम्‍बर की पूरी जानकारी केवल 1 सेकेण्‍ड में
    ऑनलाइन हिन्‍दी टाइप सीखें
    इन्‍टरनेट से कमाई कैसे करें
    इन्‍टरनेट की स्‍पीड 10 गुना तक बढाइये
    गूगल के कुछ लाजबाब सीक्रेट
    गूगल ग्‍लास बनायेगा आपको सुपर स्‍मार्ट

    ReplyDelete
  17. आया सावन
    खिलखिलाई धरा
    नाचे झरने .

    वाह ... जबर्दत हाइकू ... बरखा आने वाली है ऐसा लगता है ...

    ReplyDelete

नमस्कार मित्रों, आपके शब्द हमारे लिए अनमोल है यहाँ तक आ ही गएँ हैं तो अपनी अनमोल प्रतिक्रिया व्यक्त करके हमें अनुग्रहित करें. स्नेहिल धन्यवाद ---शशि पुरवार



linkwith

sapne-shashi.blogspot.com