सपने

सपने मेरे नहीं आपके सपने, हमारे सपने, समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से जन्मी रचनाएँ मेरीनहीं आपकी आवाज हैं. इन आँखों में एक ख्वाब पलता है, सुकून हो हर दिल में इक दिया आश का जलता है. - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी .
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Thursday, June 6, 2013

हर मौसम में खिल जाता है ..... नीम





     हर मौसम में खिल जाता है नीम की ही ये माया है
     राही को छाया देता है नीम का ही वो साया है ।

     बिन पैसे की खान है ये तो तोहफ़ा है इक क़ुदरत का,
     महिमा देखी नीम की जब से आम भी कुछ बौराया है ।

     जब से नीम है घर में आया , जीने की मंशा देता,
     मोल गुणों का ही होता है नीम ने ही बतलाया है ।

     कड़वा स्वाद नीम का लेकिन गुणकारी तेवर इसके,
     हर रेशा औषध है इससे रोग भी अब घबराया है ।

     निंबोली का रस पीने से तन के सारे  रोग मिटें
     मन मोहक छवि ऐसी नीम ने लाभ बहुत पहुँचाया है


      गाँव की वो गलियाँ भी छूटी ,छूटा घर का आँगन भी,
     शहर में फैला देख प्रदूषण नीम भी अब मुरझाया है .
                      ---  शशि पुरवार 

अनुभूति नी विशेषांक में प्रकाशित यह गजल .

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