सपने

सपने मेरे नहीं आपके व हमारे सपने हे , समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से मेरी जन्मी रचनाएँ आपकी ही आवाज हैं.
इन आँखों में एक ख्वाब पलता
है,
सुकून हो हर दिल में,
इक दिया आश का जलता है.
बदल दो जहाँ को हौसलों के संग
इसी से जीवन खुशहाल चलता है - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी . समाज में सकारात्मकता फैलाने का नाम है जिंदगी , बेटियों से भी रौशन होता है यह जहाँ , सिर्फ बेटे ही नही बेटियों को भी आगे बढ़ाने का नाम है जिंदगी।
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Sunday, July 13, 2014

कुण्डलियाँ-- थोडा हँस लो जिंदगी



१ 
थोडा हँस लो जिंदगी, थोडा कर लो प्यार
समय चक्र थमता नहीं, दिन जीवन के चार
दिन जीवन के चार, भरी  काँटों  से राहें
हिम्मत कभी न हार, मिलेंगी सुख की बाहें
संयम मन में घोल, प्रेम से नाता जोड़ा
खुशियाँ चारों ओर, भरे घट थोडा थोडा.

२ 
फैला है अब हर तरफ, धोखे का बाजार
अपनों ने भी खींच ली, नफरत की दीवार
नफरत की दीवार, झुके है बूढ़े काँधे
टेडी मेढ़ी चाल, दुःख की गठरी बांधे
अहंकार का बीज, करे मन को मटमैला
खोल ह्रदय के द्वार, प्रेम जीवन मे फैला .

         --- शशि पुरवार

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