सपने

सपने मेरे नहीं आपके सपने, हमारे सपने, समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से जन्मी रचनाएँ मेरीनहीं आपकी आवाज हैं. इन आँखों में एक ख्वाब पलता है, सुकून हो हर दिल में इक दिया आश का जलता है. - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी .
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Friday, July 29, 2011

ऐ मेरे चाँद।









ऐ  चाँद ,
  तू  मत  दिखा  मुझे   वो   नज़ारे  
   जिन्हें   मै  पा  नहीं  सकूं  .

ऐ  चाँद  ,
 तू   मत   कर  वो  इशारे  
   जिन्हें   मै  समझ   न  सकूं  .

 ऐ   चाँद  ,
  तू   मत   समा  मेरे  दिल  में  इतना 
  कि  तुझे   मै   छिपा  न   सकूं .

 ऐ   चाँद  ,
  तू  मत   दूर  जा   मुझसे  ,
  कि  तेरे   बिन  रह   भी  न   सकूं  .

  ऐ   मेरे   चाँद ,
  डूब  जाने   दे  मुझे  तेरे  प्यार   में 
 इतना  कि  खुद   को  भी  मै   याद  न   आ  सकूं .

 ऐ   चाँद   ,
  पिला   तेरे   प्यार  का  जाम  इतना  कि  
  कभी   होश  में  ही  ना   आ   सकूं .......!
 
                                  : शशि  पुरवार


 ये    कविता  मैंने   चांदनी   रात  में  चाँद   को  देख  कर  लिखी   थी  , यह  कविता   समाचार  पत्रों    व   कुछ   पत्रिकाओ  में  भी  छप   चुकी   है .

3 comments:

  1. One of your best...and one of my favs!

    Love,
    Shaifali

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर और भावपूर्ण अभिव्यक्ति...

    ReplyDelete
  3. बहुत प्यारी रचना

    ReplyDelete

नमस्कार मित्रों, आपके शब्द हमारे लिए अनमोल है यहाँ तक आ ही गएँ हैं तो अपनी अनमोल प्रतिक्रिया व्यक्त करके हमें अनुग्रहित करें. स्नेहिल धन्यवाद ---शशि पुरवार



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