सपने

सपने मेरे नहीं आपके व हमारे सपने हे , समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से मेरी जन्मी रचनाएँ आपकी ही आवाज हैं.
इन आँखों में एक ख्वाब पलता
है,
सुकून हो हर दिल में,
इक दिया आश का जलता है.
बदल दो जहाँ को हौसलों के संग
इसी मर्ज से जीवन खुशहाल चलता है - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी . समाज में सकारात्मकता फैलाने का नाम है जिंदगी , बेटियों से भी रौशन होता है यह जहाँ , सिर्फ बेटे ही नही बेटियों को भी आगे बढ़ाने का नाम है जिंदगी।
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Wednesday, July 11, 2018

सुख की क्यारी


भारी सिर पर बोझ है, ना उखड़ी है श्वास
राहें पथरीली मगर, जीने में विश्वास 
जीने में विश्वास, सधे क़दमों से चलना 
अधरों पर मुस्कान, न मुख पर दुर्दिन मलना 
कहती शशि यह सत्य, तोष है सुख की क्यारी 
नहीं सालता रोग, काम हो कितने भारी 


जीवन तपती रेत सा, अंतहीन सी प्यास
झरी बूँद जो प्रेम की, ठहर गया मधुमास
ठहर गया मधुमास, गजब का दिल सौदागर
बूँद बूँद भरने लगाप्रेम अमरत्व की गागर
कहती शशि यह सत्य, उधेड़ों मन की सीवन
भरो सुहाने रंग, मिला है सुन्दर जीवन

शशि पुरवार 

Friday, July 6, 2018

गीतों में बहना

 कभी कभी, अच्छा लगता है,
कुछ  तनहा रहना। 


तन्हाई में भीतर का
सन्नाटा भी बोले
कथ्य वही जो बंद ह्रदय के
दरवाजे खोले। 


अनुभूति के,अतल जलधि को
शब्द - शब्द  कहना
कभी कभी, अच्छा लगता है,
कुछ  तनहा रहना। 


बंद पलक में अहसासों के
रंग  बहुत बिखरे
शीशे जैसा शिल्प तराशा
बिम्ब तभी निखरे।


प्रबल वेग से भाव उड़ें जब
गीतों में बहना।
कभी कभी, अच्छा लगता है,
कुछ  तनहा रहना। 


गहन विचारों में आती, जब
भी कठिन हताशा
मन मंदिर में दिया जलाती
पथ की परिभाषा


तन -मन को रोमांचित करती
सुधियों को गहना
कभी कभी, अच्छा लगता है,
कुछ  तनहा रहना।
           -- शशि पुरवार

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