सपने

सपने मेरे नहीं आपके सपने, हमारे सपने, समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से जन्मी रचनाएँ मेरीनहीं आपकी आवाज हैं. इन आँखों में एक ख्वाब पलता है, सुकून हो हर दिल में इक दिया आश का जलता है. - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी .
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Saturday, March 11, 2017

स्नेह रंग



गली गली में घूम रही है 
मस्तानों की टोली 
नीले, पीले, रंग हठीले 
आओ खेलें होली 

दरवाजे पर आँख  गड़ी है 
हाथों में गुब्बारे
सबरे खेलें आँख मिचौली 
मस्ती के फ़ब्बारे 

भेद भाव सब भूल गए 
बिखरी हँसी ठिठोली 
नीले, पीले, रंग  हठीले 
आओ खेलें होली।

सखा -सहेली मिलकर बैठे 
गीत फाग के गाएं 
देवर- भाभी, जीजा - साली
स्नेह रंग बरसाएं 

सजन उड़ाए, रंग गुलाबी 
रंगी प्रिय की चोली 
नीले, पीले, रंग  हठीले 
आओ खेलें होली।

भाँति भाँति के पकवानों की 
खुशबु ने भरमाया 
बिना बात की किलकारी ने 
भंग का रंग, बरसाया  

फागुन के रंगों में डूबे 
भीग रहे हमजोली 
नीले, पीले, रंग  हठीले 
आओ खेलें होली
शशि पुरवार 

होली की हार्दिक शुभकामनाएँ 
 



6 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" सोमवार 13 मार्च 2017 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. बहुत सुन्दर। होली की शुभकामनाएं ।

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  3. सुन्दर शब्द रचना
    होली की शुभकामनाएं
    http://savanxxx.blogspot.in

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  4. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 16-03-2017 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2606 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

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  5. बहुत बढ़िया

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  6. होली को समर्पित बहुत ही सुंदर रचना की प्रस्तुति। बेहद पसंद आई। होली की आपको ढेर सारी शुभकामनाएं।

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नमस्कार मित्रों, आपके शब्द हमारे लिए अनमोल है यहाँ तक आ ही गएँ हैं तो अपनी अनमोल प्रतिक्रिया व्यक्त करके हमें अनुग्रहित करें. स्नेहिल धन्यवाद ---शशि पुरवार



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sapne-shashi.blogspot.com