Sunday, November 25, 2012

**** नेह की पाती ******



   नेह की पाती 
मै बिटिया को लिखूं
  दिल का हाल 
ममता औ आशीष
 पैगाम लिखूं
सर्वथा  खुश रहे
प्यारी दुलारी
मेरी राजकुमारी
फूलो सी खिले
जीवन भी महके
राहों  में मिले 
मखमली डगर
नर्म बिछोना
बाबुल का अंगना
ख्वाबो की तुम 
उड़ान भी भरना
 दिली तमन्ना  
सुखमय जीवन
सदैव ,पर
दुर्गम यह पथ 
फूल औ शूल
यथार्थ का सफ़र 
पल में धोखा
अपनों से भी रंज 
तूफानों में भी
अडिग हो कदम
जटिल वक़्त  
में फौलादी जिगर 
नारी की जंग
खुद को संभालना 
है  कटु  सत्य
बेदर्द ये  जमाना
परवरिश  
पाषण ह्रदय से
यही  चाहत 
महफूज सफ़र  
नहीं भरोसा
कब तक जीवन
हमारे बाद
सुख भरा संसार 
माता पिता की दुआ .
----------शशि पुरवार 

14 comments:

  1. सुख बरसे, सब जीवन सरसे।

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  2. बेहद खूबसूरत उम्दा रचना बहुत खूब

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  3. बहुत प्यारी रचना...! :)
    बिटिया को ढेरों आशीर्वाद के साथ...~
    "मेरे ईश्वर!
    हर बिटिया को दे
    ये आशीर्वाद...
    सुख , समृद्धि, शांति...
    उसके मन बसे!"
    ~सादर !!!

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  4. बहुत ही सुन्दर ,प्यारी रचना..
    :-)

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  5. बहुत सुंदर …
    शशि जी
    यह रचना हर मां-बाप की भावना को प्रतिपादित करती है …


    अच्छे काव्य-भाव के लिए बधाई !

    लिखते रहें … और लिखते रहें …
    शुभकामनाओं सहित…

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  6. Replies
    1. tushar ji , rajendra ji , anu ji , anant ji , dheerendra ji ,reena ji ,praveen ji , anita ji aap sabhi ka tahe dil se abhar aapne bahut protsaahit kiya , aapki upasthiti blog par anmol hai sadaiv

      Delete

  7. कल 29/11/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  8. हलचल पर आधार बनी इस कविता को यहाँ पढना भी बहुत अच्छा लगा ...

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  9. बहुत ही सुन्दर रचना .........बिटिया को ढेरों आशीर्वाद

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यहाँ तक आएं है तो दो शब्द जरूर लिखें, आपकी प्रतिक्रिया हमारे लिए अनमोल है। स्नेहिल धन्यवाद ---शशि पुरवार

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