सपने

सपने मेरे नहीं आपके सपने, हमारे सपने, समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से जन्मी रचनाएँ मेरीनहीं आपकी आवाज हैं. इन आँखों में एक ख्वाब पलता है, सुकून हो हर दिल में इक दिया आश का जलता है. - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी .
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Saturday, September 15, 2012

मेहंदी लगे हाथ......!



मेहंदी लगे हाथ ,करते
पिया का इंतजार
सात फेरो संग मिला
उम्र भर का साथ
मिले दो अजनबी

जैसे नदी के दो किनारो
का हुआ संगम
बदल गयी दिशाए
जीवन की हवाए
बहती एक जलधारा .

नाजुक होते ये रिश्ते
कांच से कच्चे धागे
विश्वास की डोर बांधे
दिलो की प्रीत ,पर
कठिन पल
दुर्गम डगर पे
मजबूत हो साथ
एक गाड़ी के हम दो पहिये
चटका न दे कोई कंकर

उलफत कभी न होगी कम
बस इक खलिस
ह्रदय में सनम
अंतिम ख्वाहिश मान के
जिगर में न रखना रंज
पहले रुकसत होंगे
जहान से हम
सुहागन रूप में ही
निकले दम
ना रहे खाली हाथ
करतल पे लगा देना मेहंदी
यह जन्म न मिलेगा बार बार .
----------- शशि पुरवार

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