सपने

सपने मेरे नहीं आपके सपने, हमारे सपने, समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से जन्मी रचनाएँ मेरीनहीं आपकी आवाज हैं. इन आँखों में एक ख्वाब पलता है, सुकून हो हर दिल में इक दिया आश का जलता है. - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी .
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Monday, February 9, 2015

रोजी रोटी की खातिर





रोजी रोटी की खातिर,फिर
चलने का दस्तूर निभाये
क्या छोड़े, क्या लेकर जाये
नयी दिशा में कदम बढ़ाये।

चिलक चिलक करता है मन
बंजारों का नहीं संगमन
दो पल शीतल छाँव मिली, तो
तेज धूप का हुआ आगमन

चिंता ज्वाला घेर रही है
किस कंबल से इसे बुझाये।

हेलमेल की बहती धारा
बना न, कोई सेतु पुराना
नये नये टीले पर पंछी
नित करते हैआना जाना

बंजारे कदमो से कह दो
बस्ती में अब दिल न लगाये।

क्या खोया है, क्या पाया है
समीकरण में उलझे रहते
जीवन बीजगणित का परचा
नितदिन प्रश्न बदलते रहते

अवरोधों के सारे कोष्टक
नियत समय पर खुलते जाये।
 -- शशि पुरवार

11 comments:

  1. क्या खोया है, क्या पाया है
    समीकरण में उलझे रहते
    जीवन बीजगणित का परचा
    नितदिन प्रश्न बदलते रहते

    अवरोधों के सारे कोष्टक
    नियत समय पर खुलते जाये।

    अहसासों को गणित से जोड़ने की ये कला पसंद आई।

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार (10-02-2015) को 'चाकलेट-डे' चोंच में, लेकर आया बाज ; चर्चा मंच 1885 पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...
    सादर...!

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  3. बहुत सुन्दर नवगीत दीदी

    http://shabdsugandh.blogspot.in/

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  4. हेलमेल की बहती धारा
    बना न, कोई सेतु पुराना
    नये नये टीले पर पंछी
    नित करते हैआना जाना

    बंजारे कदमो से कह दो
    बस्ती में अब दिल न लगाये।
    ...वाह..बहुत सुन्दर और भावपूर्ण नवगीत....

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  5. aa. ankur ji , jyot ji , adarniy sharma ji , adarniy ravivar ji आप सभी आदरणीय मित्रों सुधीजनों का हार्दिक धन्यवाद

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  6. बहुत सुन्दर नवगीत।

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  7. चलते रहने से नम्जिल मिल जाती है ... प्रयास इमानदार होना चाहिए ...
    सुन्दर भाव पूर्ण नवगीत ...

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  8. अति सुन्दर भाव सुन्दर कविता ..

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  9. हेलमेल की बहती धारा
    बना न, कोई सेतु पुराना
    नये नये टीले पर पंछी
    नित करते हैआना जाना

    बंजारे कदमो से कह दो
    बस्ती में अब दिल न लगाये।
    अति सुन्दर. यथार्थ विवरण। प्रेरणादायक।वधाई।
    एक चिड़िया भी अपने शिशु चिड़िया को उसके पंख अपने पंखों में लेकर उसे उड़ना सिखलाती है. पहले 2 -3 प्रयासों में शिशु असफल हो जाता है लेकिन चौथे पांचवें प्रयास में बह आकाश में उड़ान भर लेता है. उड़ान ही उसकी पहचान है.
    गूढ़ ज्ञान आश्चर्य जनक बात यह है की चिड़िया माँ जानती है कि इक बार उड़ान भरने के बाद उसका बच्चा उसे मिलने कभी पूण: उससे मिलने नहीं आएगा।
    अति सुन्दर. यथार्थ विवरण। प्रेरणादायक।वधाई।
    एक चिड़िया भी अपने शिशु चिड़िया को उसके पंख अपने पंखों में लेकर उसे उड़ना सिखलाती है. पहले 2 -3 प्रयासों में शिशु असफल हो जाता है लेकिन चौथे पांचवें प्रयास में बह आकाश में उड़ान भर लेता है. उड़ान ही उसकी पहचान है.
    गूढ़ ज्ञान आश्चर्य जनक बात यह है की चिड़िया माँ जानती है कि इक बार उड़ान भरने के बाद उसका बच्चा उसे मिलने कभी पूण: उससे मिलने नहीं आएगा।
    जब नरेंद्र दत्त -स्वामी विवेकानंद पहली बार रामकृष्ण परमहंस जी से मिले उन्होंने उसे पिछले जन्मो से जुड़े गुरु शिष्य से पहचान लिया। उसे मिल कर बहुत रोये। कोई बंगाली गीत गाने को कहा।
    नरेंद्र ने गीत गया -मोनो चलो निजो निकिताने। रे मन एक बार चलो अपने असली घर। . पांच तत्व हमारे नहीं ,अनजान धरती ,अजनबी लोग. You can listen to it on U tube.

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  10. This comment has been removed by the author.

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नमस्कार मित्रों, आपके शब्द हमारे लिए अनमोल है यहाँ तक आ ही गएँ हैं तो अपनी अनमोल प्रतिक्रिया व्यक्त करके हमें अनुग्रहित करें. स्नेहिल धन्यवाद ---शशि पुरवार



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