सपने

सपने मेरे नहीं आपके सपने, हमारे सपने, समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से जन्मी रचनाएँ मेरीनहीं आपकी आवाज हैं. इन आँखों में एक ख्वाब पलता है, सुकून हो हर दिल में इक दिया आश का जलता है. - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी .
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Tuesday, June 19, 2012

मेरी संगिनी ......!

 
1 )मन का हठ
दिल की है तड़प
रूठी कलम .

2)कहाँ से लाऊं
विचारो का प्रवाह
शब्द है ग़ुम.

3)कैसे मनाऊं
कागज कलम को
हाथ से छुठे .

4)मेरी संगिनी
कलम तलवार
पक्की सहेली
5)
प्यासा मन
साहित्य की अगन
ज्ञानपिपासा .
6)
प्यासी धरती
है तपती रेत सी
मेघ बरसो .

7) समंदर के
बीच  रहकर  भी
रहा मै प्यासा .
8 )
अश्क आँखों से
सुख गए है  जैसे 
है रेगिस्तान .
9)
प्यासी ममता
तड़पता आँचल
गोदभराई .

:--शशि पुरवार 


 

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