सपने

सपने मेरे नहीं आपके सपने, हमारे सपने, समाज में व्याप्त विसंगतियां मन को व्यथित करती हैं. संवेदनाओं की पृष्ठभूमि से जन्मी रचनाएँ मेरीनहीं आपकी आवाज हैं. इन आँखों में एक ख्वाब पलता है, सुकून हो हर दिल में इक दिया आश का जलता है. - शशि.
शशि का अर्थ है -- चन्द्रमा, तो चाँद सी शीतलता प्रदान करने का नाम है जिंदगी .
शब्दों की मिठास व रचना की सुवास ताउम्र अंतर्मन महकातें हैं. मेरे साथ सपनों की हसीन वादियों में आपका स्वागत है.

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Monday, April 1, 2013

खामोश पन्ने।





1
स्याही है स्वप्न
जीवन में बिखरे
खामोश पन्ने।
2
फासले बढे
दूर हो गए रास्ते
मंजिल कहाँ।
3
छुए किनारा
भावुक है लहरे
आँखों का पानी
4
संत दीखता
ठूंठ सा खड़ा वृक्ष
जर्जर हुआ .
5
खाली घरोंदा
चुपके से आई है
यादें तुम्हारी
---- शशि पुरवार

15 comments:

  1. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगल वार2/4/13 को चर्चा मंच पर राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आपका वहां स्वागत है

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  2. बहुत ही सुन्दर, थिरकते शब्द, नाचते भाव।

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  3. बहुत ही सुन्दर हाइकू,बेहतरीन शब्द चयन.

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  4. बहुत सुन्दर भाव, बेहद अनुभवी अभिव्यक्ति !!!

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  5. बहुत उम्दा दीदी

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  6. bahut sunder bhavon se saje haiku
    rachana

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  7. बेहतरीन थिरकन

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  8. wah wah kya baat hai purwar ji sabhi ak se badh kr ak .....badhai sweekaren .

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  9. खाली घरोंदा
    चुपके से आई है
    यादें तुम्हारी ..

    वाह ... बहुत भावमय ... लाजवाब हैं सभी हाइकू ...

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  10. छुए किनारा
    भावुक है लहरें
    आँखों का पानी

    सुन्दर...सारहनीय हाइकु...!
    हार्दिक बधाई,शशि जी...! आपको पढ़कर मुझे मेरा एक हाइकु याद आ गया-

    *****

    आँखों की नदी
    टूट गये तटबंध
    दर्द की बाढ़
    (-जेजे)
    *****

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नमस्कार मित्रों, आपके शब्द हमारे लिए अनमोल है यहाँ तक आ ही गएँ हैं तो अपनी अनमोल प्रतिक्रिया व्यक्त करके हमें अनुग्रहित करें. स्नेहिल धन्यवाद ---शशि पुरवार



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