मन को जिसने
फिर भरमाया
फिर भरमाया
जादू ऐसा
दिल पिघलाया
दिल पिघलाया
लगता हमको
प्यारा साया
प्यारा साया
सखी सहेली
पास बुलाया
पास बुलाया
महफ़िल में अब
रंग जमाया
रंग जमाया
हर कोई फिर
दौड़ा आया
दौड़ा आया
-शशि पुरवार
ब्लॉग सपने शशि में आप पढ़ेंगे जीवन के रंग अभिव्यक्ति के संग.. प्रेरक कहानियाँ, लेख और साहित्यिक रचनाओं का संसार ।आपका अपना संसार ।
हिंदी दिवस की तैयारी पूरे जोश - खरोश के साथ की जा रही थी। आजकल हर वस्तु छोटी होती जा रही है। मिनी कपडे। मिनी वस्तुएँ। हर वस्तु छोटी ...